रग रग में उमंग है..
गली गली भी तंग है...
छोटे बड़े नर नारी..
सबके चेहरे पर "मुस्कुराना"..
खुसी के आंसू गिराना..
रंगीली धरती रंगीला गगन
झूमता खेत खलिहान .. झूमता घर आंगन..!!!
आजाद पंछी की तरह चहकना
फूलों का यूँ महकना..
मेरे मन को कितना भाया है..
लगता है आज सचमुच..
"स्वतन्त्रता दिवस आया है.."
Monday, August 18, 2008
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5 comments:
अच्छा लिखा है। स्वागत है नए ब्लाग का।
सादर अभिवादन
पहले तो हिन्दी ब्लोग्स के नए साथियों में आपका असीम स्वागत है
दूसरे आपकी अच्छी रचना के लिए बधाई
चलिए अपने परिचय के लिए अभी मैंने एक गीत ब्लॉग पे डाला है उसकी कुछ पंक्तियाँ भेज रहा हूँ
देखियेगा
और कुछ है भी नहीं देना हमारे हाथ में
दे रहे हैं हम तुम्हें ये "हौसला " सौगात में
हौसला है ये इसे तुम उम्र भर खोना नहीं
है तुम्हें सौगंध आगे से कभी रोना नहीं
मत समझना तुम इसे तौहफा कोई नाचीज है
रात को जो दिन बना दे हौसला वो चीज है
जब अकेलापन सताए ,यार है ये हौसला
जिंदगी की जंग का हथियार है ये हौसला
हौसला ही तो जिताता ,हारते इंसान को
हौसला ही रोकता है दर्द के तूफ़ान को
हौसले से ही लहर पर वार करती कश्तियाँ
हौसले से ही समंदर पार करती कश्तियाँ
हौसले से भर सकोगे जिंदगी में रंग फ़िर
हौसले से जीत लोगे जिंदगी की जंग फ़िर
तुम कभी मायूस मत होना किसी हालात् में
हम चलेंगे ' आखिरी दम तक ' तुम्हारे साथ में
आपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा में
डॉ उदय मणि कौशिक
http://mainsamayhun.blogspot.com
very nice one. keep it up.
अच्छा लिखा है। चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है। लगातार लिखते रहें।
Thank you all for welcoming me and providing such encouragement. I promise that in future i will be putting in much more effort to get better.
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