मुझे खुद पे इतना है यकीं..
क़ि मैं लड़ सकूँ..
क़ि मैं लड़ सकूँ..
चाहे हो ज़माना भी खिलाफ..
लूँगा हर जख्म का हिसाब..
मेरा ज़मीर कुचल दिया तुमने..
मेरा ईमान भी बेचा..
शिकायत न सुनी एक मेरी..
चिल्लाता रहा मैं बेज़ा..
आने दो चुनाव..
दूँगा तुम्हे वही मैं घाव..
आने दो चुनाव..
आने दो चुनाव..
क़ि मैं लड़ सकूँ..
क़ि मैं लड़ सकूँ..
चाहे हो ज़माना भी खिलाफ..
लूँगा हर जख्म का हिसाब..
मेरा ज़मीर कुचल दिया तुमने..
मेरा ईमान भी बेचा..
शिकायत न सुनी एक मेरी..
चिल्लाता रहा मैं बेज़ा..
आने दो चुनाव..
दूँगा तुम्हे वही मैं घाव..
आने दो चुनाव..
आने दो चुनाव..
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